CNT Act में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया (भाग–9)
CNT Act में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया (भाग–9) प्रस्तावना Chotanagpur Tenancy Act, 1908 का मूल उद्देश्य केवल भूमि रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि आदिवासी भूमि को बाहरी कब्जे से बचाना था। इसलिए भूमि हस्तांतरण (Transfer) पर सख्त नियम बनाए गए। 1️⃣ क्या आदिवासी भूमि कोई भी खरीद सकता है? सामान्य स्थिति में — नहीं। CNT Act के अनुसार: अनुसूचित जनजाति (ST) की भूमि गैर-आदिवासी को सीधे हस्तांतरित नहीं की जा सकती इसके लिए वैधानिक अनुमति आवश्यक है 2️⃣ अनुमति कौन देता है? भूमि हस्तांतरण के लिए: उपायुक्त (Deputy Commissioner) की अनुमति आवश्यक होती है बिना अनुमति किया गया हस्तांतरण अवैध माना जा सकता है यह प्रावधान आदिवासी भूमि की सुरक्षा के लिए बनाया गया था। 3️⃣ कब भूमि हस्तांतरण वैध माना जाता है? कुछ विशेष परिस्थितियों में: ✔ यदि दोनों पक्ष आदिवासी हों ✔ वैधानिक अनुमति प्राप्त हो ✔ कानून की शर्तों का पालन किया गया हो 4️⃣ अवैध हस्तांतरण होने पर क्या होता है? यदि भूमि नियमों के विरुद्ध ट्रांसफर हुई है: उसे रद्द किया जा सकता है मूल रैयत को वापस दिलाया जा सकता है प्रशासन कार्रवाई कर सकता है 5️⃣ वास्त...