ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (TAC) क्या है? आदिवासी क्षेत्रों के लिए इसकी क्या भूमिका है
परिचय
भारत में आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन और विकास के लिए संविधान में विशेष व्यवस्था की गई है।
इन्हीं व्यवस्थाओं में एक महत्वपूर्ण संस्था है
Tribes Advisory Council।
यह परिषद आदिवासी समाज से जुड़े मामलों में सरकार को सलाह देने के लिए बनाई जाती है।
TAC क्या है
ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (TAC) एक सलाहकार परिषद है जो आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर राज्य सरकार को सुझाव देती है।
यह व्यवस्था भारतीय संविधान की
Fifth Schedule of the Constitution of India
के अंतर्गत की गई है।
TAC में कौन सदस्य होते हैं
TAC में कुल अधिकतम 20 सदस्य हो सकते हैं।
इनमें से लगभग तीन-चौथाई सदस्य वे होते हैं जो राज्य विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रतिनिधि होते हैं।
इसका उद्देश्य यह है कि आदिवासी समाज की आवाज सीधे सरकार तक पहुँचे।
TAC का मुख्य काम
TAC का मुख्य काम है:
आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सलाह देना
आदिवासी विकास योजनाओं पर सुझाव देना
आदिवासी अधिकारों से जुड़े मामलों पर विचार करना
TAC क्यों महत्वपूर्ण है
TAC इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आदिवासी समाज और सरकार के बीच एक सेतु का काम करता है।
यदि यह परिषद सही तरीके से काम करे तो आदिवासी समाज की समस्याएँ सीधे सरकार तक पहुँच सकती हैं।
निष्कर्ष
ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
लेकिन इसके लिए जरूरी है कि यह संस्था सक्रिय रूप से काम करे और आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें