ST (अनुसूचित जनजाति) क्या है? कैसे तय होती है ST सूची – संविधान की पूरी प्रक्रिया
ST (अनुसूचित जनजाति) क्या है? कैसे तय होती है ST सूची – संविधान की पूरी प्रक्रिया
झारखंड और देश के कई हिस्सों में यह सवाल अक्सर उठता है कि किसी समुदाय को ST (अनुसूचित जनजाति) में कैसे शामिल किया जाता है? क्या राज्य सरकार खुद से किसी जाति को ST घोषित कर सकती है? क्या केवल आंदोलन करने से ST दर्जा मिल सकता है?
इन सभी सवालों का स्पष्ट उत्तर भारतीय संविधान में दिया गया है — विशेष रूप से
Article 342 of the Constitution of India में।
आज हम बिना किसी भावनात्मक बहस के, सिर्फ संवैधानिक प्रक्रिया को समझेंगे।
1️⃣ ST (Scheduled Tribe) का अर्थ क्या है?
ST का मतलब है “अनुसूचित जनजाति” —
यानी वे समुदाय जिन्हें भारत सरकार ने ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कारणों से विशेष संरक्षण की आवश्यकता मानते हुए एक सूची (Schedule) में शामिल किया है।
यह कोई सामान्य सामाजिक पहचान नहीं है, बल्कि एक संवैधानिक दर्जा है।
2️⃣ ST सूची कैसे बनती है?
भारत में ST सूची बनाने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
✔ पहला चरण: राष्ट्रपति की अधिसूचना
संविधान के अनुसार,
राष्ट्रपति किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के लिए ST समुदायों की सूची अधिसूचित करते हैं।
यह प्रक्रिया पहली बार 1950 में पूरी हुई थी, जब
The Constitution (Scheduled Tribes) Order, 1950 जारी किया गया।
इस आदेश में हर राज्य के लिए अलग-अलग ST सूची दी गई थी।
✔ दूसरा चरण: सूची में बदलाव कैसे होता है?
बहुत महत्वपूर्ण बात:
ST सूची में बदलाव केवल संसद (Parliament) कर सकती है।
कोई राज्य सरकार अकेले किसी जाति को ST घोषित नहीं कर सकती।
संसद संशोधन विधेयक पास करती है, फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बदलाव लागू होता है।
3️⃣ क्या आंदोलन से ST दर्जा मिल सकता है?
आंदोलन सामाजिक दबाव बना सकता है,
लेकिन कानूनी रूप से ST दर्जा केवल संवैधानिक प्रक्रिया से ही मिलता है।
अंतिम निर्णय संसद और राष्ट्रपति के माध्यम से ही होता है।
4️⃣ ST तय करते समय किन बातों पर विचार होता है?
संविधान में सीधी “criteria list” नहीं दी गई है,
लेकिन ऐतिहासिक रूप से कुछ मानक देखे जाते रहे हैं:
विशिष्ट जनजातीय पहचान
पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाज
अलग सामाजिक ढांचा
ऐतिहासिक भौगोलिक अलगाव
सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन
इन पर विभिन्न सरकारी संस्थाएँ अध्ययन करती हैं।
5️⃣ क्या ST सूची पूरे देश में एक जैसी होती है?
नहीं।
ST सूची राज्यवार होती है।
एक समुदाय एक राज्य में ST हो सकता है,
लेकिन दूसरे राज्य में नहीं।
6️⃣ 5th Schedule का क्या संबंध है?
Fifth Schedule of the Constitution of India
अनुसूचित क्षेत्रों की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा है।
लेकिन 5th Schedule का लाभ केवल उन्हीं समुदायों को मिलता है जो पहले से ST सूची में अधिसूचित हैं।
📌 स्पष्ट निष्कर्ष
ST दर्जा एक संवैधानिक श्रेणी है।
यह राष्ट्रपति की अधिसूचना और संसद के कानून से तय होता है।
राज्य सरकार अकेले ST घोषित नहीं कर सकती।
आंदोलन से दबाव बन सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया से ही होगा।
📖 अगले भाग में हम समझेंगे:
1950 की मूल ST सूची क्या थी, और बिहार (जिसमें वर्तमान झारखंड शामिल था) में किन-किन समुदायों को ST माना गया था।
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