PESA कानून क्या है? आदिवासी स्वशासन और ग्राम सभा की शक्ति


परिचय

भारत के संविधान में आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन और अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

इन्हीं प्रावधानों के तहत पाँचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में ग्राम सभा को अधिकार देने के लिए

Panchayats (Extension to Scheduled Areas) Act, 1996

बनाया गया।

इस कानून को सामान्य रूप से PESA कानून कहा जाता है।

PESA कानून क्या है

PESA कानून 1996 में बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है जिसका उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा को मजबूत करना और स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा देना है।

यह कानून केवल उन क्षेत्रों में लागू होता है जो

Fifth Schedule of the Constitution of India

के अंतर्गत आते हैं।

ग्राम सभा की शक्तियाँ

PESA कानून के तहत ग्राम सभा को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं।

जैसे:

गाँव के संसाधनों की रक्षा करना

विकास योजनाओं को मंजूरी देना

जमीन अधिग्रहण के मामलों में राय देना

परंपरागत व्यवस्था और संस्कृति की रक्षा करना

PESA कानून क्यों महत्वपूर्ण है

इस कानून का मुख्य उद्देश्य यह है कि आदिवासी क्षेत्रों का शासन स्थानीय लोगों की भागीदारी से चले।

इससे ग्राम सभा की शक्ति बढ़ती है और आदिवासी समाज अपने संसाधनों पर अधिक नियंत्रण रख सकता है।

निष्कर्ष

PESA कानून आदिवासी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कानून है जो ग्राम सभा को मजबूत बनाता है और स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा देता है।

यदि इस कानून को सही तरीके से लागू किया जाए तो आदिवासी समाज को अपने अधिकारों की रक्षा करने में बहुत मदद मिल सकती है।

✊ ग्राम सभा मजबूत होगी तो आदिवासी समाज मजबूत होगा।

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