आदिवासी आंदोलन और विचार
आदिवासी आंदोलन और विचार
यह ब्लॉग आदिवासी समाज के अस्तित्व, अधिकार और स्वशासन से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। आदिवासी समाज इस धरती का मूल निवासी है, जिसकी पहचान जल, जंगल, जमीन और प्रकृति से जुड़ी हुई है।
आज के समय में आदिवासी क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण, जंगलों का विनाश, पारंपरिक व्यवस्था को कमजोर करना और संविधान प्रदत्त अधिकारों की अनदेखी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह ब्लॉग इन्हीं सच्चाइयों को ईमानदारी से समाज और देश के सामने रखने का प्रयास है।
इस मंच पर प्रकाशित लेख:
आदिवासी आंदोलन
ग्राम सभा और पाँचवीं अनुसूची
जल, जंगल, जमीन के अधिकार
परंपरागत स्वशासन
सामाजिक जागरूकता
पर आधारित होते हैं।
यह ब्लॉग किसी राजनीतिक दल या कॉर्पोरेट संस्था से संचालित नहीं है। यहाँ व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने हैं और समाज में संवैधानिक, शांतिपूर्ण और जागरूक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिखे जाते हैं।
हमारा उद्देश्य किसी के खिलाफ नफरत फैलाना नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ सच को सामने लाना है।
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